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Samastipur Sadar Hospital Doctor Controversy: समस्तीपुर सदर अस्पताल विवाद, पत्रकार से कथित दुर्व्यवहार मामले में भाकपा माले का चेतावनी मार्च, डॉ. पीडी शर्मा की बर्खास्तगी की मांग

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Alam Ki Khabar: समस्तीपुर सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पीडी शर्मा पर पत्रकार से दुर्व्यवहार और ड्यूटी से गायब रहने के आरोप को लेकर भाकपा माले ने चेतावनी मार्च निकाला। 14 जुलाई को सिविल सर्जन कार्यालय घेराव की चेतावनी दी गई।

समस्तीपुर, 7 जुलाई 2026। आलम की खबर:पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोप को लेकर सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पीडी शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को भाकपा माले एवं नागरिक मंच के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने शहर में चेतावनी मार्च निकालकर चिकित्सक की बर्खास्तगी समेत सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।

मोहनपुर रोड स्थित तनिष्क शोरूम के पास से निकला चेतावनी मार्च विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए समाहरणालय पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई और अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को लेकर नारे लगाए। समाहरणालय पहुंचने के बाद प्रदर्शन के उपरांत सभा का आयोजन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि पत्रकार श्रवण कुमार के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में तैनात चिकित्सक डॉ. पीडी शर्मा ड्यूटी के दौरान मौजूद नहीं थे। इसी मामले को लेकर जानकारी लेने पहुंचे पत्रकार के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।

माले नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सेवा में चिकित्सकों की अनुपस्थिति गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में बड़ी संख्या में चिकित्सक पदस्थापित होने के बावजूद ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं में डॉक्टरों की अनुपस्थिति की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सदर अस्पताल में कार्यरत सभी चिकित्सकों की सूची सार्वजनिक की जाए। इमरजेंसी विभाग में तैनात चिकित्सकों का रोस्टर अस्पताल परिसर में प्रमुख स्थान पर लगाया जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को जानकारी मिल सके।

इसके अलावा नेताओं ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करने में कथित देरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने तथा अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले गरीब मरीजों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिलना जरूरी है।

सभा को भाकपा माले नेता उपेंद्र राय, महेश कुमार, अनील चौधरी, दीनबंधु प्रसाद, मो. सगीर, मनोज कुमार सिंह, मनोज शर्मा, कुंदन राय सहित नागरिक मंच के संयोजक सेवानिवृत्त सैनिक रामबली सिंह, राजद नेता राम विनोद पासवान, पूर्व वार्ड पार्षद अर्जुन कुमार, जीतेंद्र कुमार और मो. सोनू ने संबोधित किया।

वहीं भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पत्रकार श्रवण कुमार के साथ कथित दुर्व्यवहार और ड्यूटी से गायब रहने के आरोपित चिकित्सक डॉ. पीडी शर्मा पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो 14 जुलाई को सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

हालांकि इस मामले में चिकित्सक डॉ. पीडी शर्मा या स्वास्थ्य विभाग की ओर से पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है। पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

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संपादकीय: अस्पतालों में जवाबदेही जरूरी

सरकारी अस्पताल आम लोगों की उम्मीद का सबसे बड़ा केंद्र होते हैं। यहां तैनात चिकित्सकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल ड्यूटी पूरी करना नहीं बल्कि मरीजों को समय पर सेवा देना भी है। यदि किसी सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति या मरीजों को परेशानी की शिकायत सामने आती है तो प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।

पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। किसी भी पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार के आरोप की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर किसी भी आरोप पर अंतिम निर्णय जांच के बाद ही लिया जाना चाहिए। स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकों, प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का माहौल जरूरी है।

समस्तीपुर सदर अस्पताल जैसे बड़े संस्थान में चिकित्सकों की उपस्थिति, इमरजेंसी सेवा की निगरानी और मरीजों की शिकायतों के समाधान के लिए पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए। कार्रवाई के साथ-साथ व्यवस्था में सुधार भी जरूरी है, ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

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